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लम्पी बीमारी से गंभीर रूप से पीड़ित बछड़े का गौ रक्षा दल ने किया रेस्क्यू कोसली, 19 अगस्त। शिव कॉलोनी, कोसली से गौ रक्षा दल ब्लॉक नाहड़ (रेवाड़ी) की टीम को सूचना मिली कि एक बछड़ा लम्पी बीमारी से गंभीर रूप से पीड़ित है और उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और बछड़े का रेस्क्यू किया। टीम के उत्तम राणा ने बताया कि बछड़े के पूरे शरीर पर लम्पी बीमारी के कारण सैकड़ों की संख्या में फोड़े-फुंसियां हो गई थीं। इनमें से कई फूट चुके थे, जिनसे मवाद और खून बह रहा था। इसके अलावा बछड़े के लिंग पर भी गंभीर जख्म थे और उसमें कीड़े पड़ चुके थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम ने बिना देरी किए बछड़े को सुरक्षित रेस्क्यू किया। बछड़े को टीम के बाड़े तक पहुंचाने के लिए 600 रुपये में वाहन किराये पर लिया गया और उसे कोसली सरकारी अस्पताल के पीछे स्थित टीम के बाड़े में लाया गया। यहां पहुंचते ही उसका तत्काल उपचार शुरू कर दिया गया। गौ रक्षा दल ने बताया कि बछड़ा पूरी तरह स्वस्थ होने तक बाड़े में उसका उपचार, दवा और सेवा निःशुल्क की जाएगी। टीम के बाड़े में लम्पी बीमारी से पीड़ित कई अन्य गोवंश का भी निःशुल्क उपचार एवं देखभाल की जा रही है। गौ रक्षा दल ब्लॉक नाहड़ (रेवाड़ी) ने बताया कि टीम पिछले करीब पांच वर्षों में 4500 से अधिक बीमार, घायल, दुर्घटनाग्रस्त एवं बेसहारा गोवंश तथा अन्य बेजुबान जीवों की निःशुल्क सेवा कर चुकी है और भविष्य में भी यह सेवा निरंतर जारी रहेगी।

लम्पी बीमारी से गंभीर रूप से पीड़ित बछड़े का गौ रक्षा दल ने किया रेस्क्यू
कोसली, 19 अगस्त। शिव कॉलोनी, कोसली से गौ रक्षा दल ब्लॉक नाहड़ (रेवाड़ी) की टीम को सूचना मिली कि एक बछड़ा लम्पी बीमारी से गंभीर रूप से पीड़ित है और उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और बछड़े का रेस्क्यू किया।
टीम के उत्तम राणा ने बताया कि बछड़े के पूरे शरीर पर लम्पी बीमारी के कारण सैकड़ों की संख्या में फोड़े-फुंसियां हो गई थीं। इनमें से कई फूट चुके थे, जिनसे मवाद और खून बह रहा था। इसके अलावा बछड़े के लिंग पर भी गंभीर जख्म थे और उसमें कीड़े पड़ चुके थे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम ने बिना देरी किए बछड़े को सुरक्षित रेस्क्यू किया। बछड़े को टीम के बाड़े तक पहुंचाने के लिए 600 रुपये में वाहन किराये पर लिया गया और उसे कोसली सरकारी अस्पताल के पीछे स्थित टीम के बाड़े में लाया गया। यहां पहुंचते ही उसका तत्काल उपचार शुरू कर दिया गया।
गौ रक्षा दल ने बताया कि बछड़ा पूरी तरह स्वस्थ होने तक बाड़े में उसका उपचार, दवा और सेवा निःशुल्क की जाएगी। टीम के बाड़े में लम्पी बीमारी से पीड़ित कई अन्य गोवंश का भी निःशुल्क उपचार एवं देखभाल की जा रही है।
गौ रक्षा दल ब्लॉक नाहड़ (रेवाड़ी) ने बताया कि टीम पिछले करीब पांच वर्षों में 4500 से अधिक बीमार, घायल, दुर्घटनाग्रस्त एवं बेसहारा गोवंश तथा अन्य बेजुबान जीवों की निःशुल्क सेवा कर चुकी है और भविष्य में भी यह सेवा निरंतर जारी रहेगी।

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